Bhīṣma Parva, Adhyāya 4 — Dhṛtarāṣṭra–Vyāsa Saṃvāda on Kāla and Jayalakṣaṇa
Signs of Victory
यस्य भूमिस्तस्य सर्व जगत् स्थावरजड्भमम् । तत्रातिगृद्धा राजानो विनिधघ्नन्तीतरेतरम्,जिसके अधिकारमें भूमि है, उसीके अधिकारमें सम्पूर्ण चराचर जगत् है, इसीलिये भूमिके प्रति आसक्ति रखनेवाले राजालोग एक-दूसरेको मारते हैं
yasya bhūmis tasya sarvaṃ jagat sthāvara-jaṅgamam | tatrātigṛddhā rājāno vinighnanti itaretaram ||
संजय बोले—जिसके अधिकार में भूमि है, उसी के अधिकार में स्थावर-जंगम समस्त जगत् माना जाता है। इसलिए भूमि-लोभ से अति ग्रस्त राजा एक-दूसरे का वध करते हैं।
संजय उवाच