Kṣetra–Kṣetrajña-Jñāna–Jñeya-Viveka
Field, Knower, Knowledge, and the Knowable
दण्डो दमयतामस्मि नीतिरस्मि जिगीषताम् । मौनं चैवास्मि गुह्मानां ज्ञानं ज्ञानवतामहम्?
मैं दमन करने वालों का दण्ड—अर्थात् दमन-शक्ति—हूँ; जीतने की इच्छा रखने वालों की नीति हूँ। गुप्त रखने योग्य बातों का मौन हूँ और ज्ञानवानों का ज्ञान मैं हूँ।
अजुन उवाच