Bhīṣma-nipāta-saṃvāda — Sañjaya’s Report of Bhīṣma’s Fall (भीष्मनिपातसंवादः)
के पुरस्तादवर्तन्त रक्षन्तो भीष्ममन्तिके । के<रक्षन्नुत्तरं चक्रं वीरा वीरस्य युध्यत:
धृतराष्ट्र बोले—भीष्म की रक्षा करते हुए कौन-कौन वीर निकट से उनके आगे चलते थे? और युद्ध में लगे उस वीरश्रेष्ठ भीष्म के बाएँ पहिये की रक्षा किन वीरों ने की?
धृतराष्ट उवाच