स्त्रियो वृद्धास्तथा बाला: प्रेक्षकाश्न पृथग्जना: । समभ्ययु: शान्तनवं भूतानीव तमोनुदम्,स्त्रियाँ, बूढ़े, बालक तथा अन्य साधारण जन शान्तनुकुमार भीष्मजीका दर्शन करनेके लिये वहाँ आये, मानो समस्त प्रजा अन्धकारनाशक भगवान् सूर्यकी उपासनाके लिये उपस्थित हुई हो
स्त्रियाँ, वृद्ध, बालक, दर्शक और साधारण जन भी शान्तनुनन्दन भीष्म के दर्शन के लिए वहाँ उमड़ पड़े—मानो अन्धकार को दूर करने वाले सूर्य के पास समस्त प्राणी एकत्र हो गए हों।
संजय उवाच