एष शान्तनवो भीष्म: सेनयोरन्तरे स्थित: । संनिहत्य बलादेनं विजयस्ते भविष्यति,“अर्जुन! ये शान्तनुनन्दन भीष्म दोनों सेनाओंके बीचमें खड़े हैं। यदि तुम बलपूर्वक इन्हें मार सको तो तुम्हारी विजय हो जायगी
sañjaya uvāca |
eṣa śāntanavo bhīṣmaḥ senayor antare sthitaḥ |
saṃnihatya balād enaṃ vijayas te bhaviṣyati ||
“अर्जुन! ये शान्तनुनन्दन भीष्म दोनों सेनाओं के बीच खड़े हैं। यदि तुम बलपूर्वक इन्हें मार सको, तो तुम्हारी विजय होगी।”
संजय उवाच