भीष्मरथाभिमुख्यं — Arjuna’s advance with Śikhaṇḍin; Duḥśāsana’s interception
रथी रथिनमासाद्य प्राहिणोद् यमसादनम् । तथेतरान् समासाद्य नरनागाश्चसादिन:,रथीने रथीका सामना करके उसे यमलोक पहुँचा दिया। पैदल, हाथीसवार और घुड़सवारोंने भी एक-दूसरेसे भिड़कर ऐसा ही किया
sañjaya uvāca | rathī rathinam āsādya prāhiṇod yamasādanam | tathā itarān samāsādya nara-nāgāś ca sādināḥ |
रथी ने रथी का सामना करके उसे यमलोक पहुँचा दिया। इसी प्रकार पैदल, हाथीसवार और घुड़सवार भी अपने-अपने प्रतिद्वन्द्वियों से भिड़कर उन्हें यमधाम भेजने लगे।
संजय उवाच