भीष्मवधोपाय-प्रश्नः (Inquiry into the means to overcome Bhīṣma) | Chapter 103
तेन विद्राव्यमाणानि तव सैन्यानि संयुगे । चक्कुरार्तस्वनं घोरं पर्जन्यनिनदोपमम्,उसके द्वारा युद्धमें खदेड़े हुए आपके सैनिक मेघोंकी गर्जनाके समान घोर आर्तनाद करने लगे
tena vidrāvyamāṇāni tava sainyāni saṁyuge | cakrur ārta-svanaṁ ghoraṁ parjanya-ninada-upamam ||
युद्ध में उसके द्वारा खदेड़े जाते हुए आपके सैनिक मेघों की गर्जना के समान भयंकर आर्तनाद करने लगे।
संजय उवाच