भीष्मस्य शरवर्षः — Bhīṣma’s Arrow-Storm and Kṛṣṇa’s Impulse to Intervene
धृष्टय्युम्नो विराटश्न सात्यकिश्व महारथ:
dhṛṣṭadyumno virāṭaś ca sātyakiś ca mahārathaḥ
संजय बोले—धृष्टद्युम्न, विराट और सात्यकि—ये तीनों महारथी (पाण्डवों की युद्ध-व्यवस्था में) उपस्थित थे।
संजय उवाच