राजपूजाविधानम् / Royal Reception Protocols during Āśvamedha Preparations
कृत्वा प्रवर्ग्य धर्माख्यं यथावद् द्विजसत्तमा: । चक्करुस्ते विधिवद् राज॑ंस्तथैवाभिषवं द्विजा:
राजन्, वहाँ उन श्रेष्ठ ब्राह्मणों ने धर्मानुकूल ‘प्रवर्ग्य’ कर्म को यथाविधि सम्पन्न करके, फिर विधिपूर्वक सोमाभिषव—सोमलता का रस निकालने का कार्य—किया।
वैशम्पायन उवाच