उत्तङ्कोपाख्यानम् — Maṇi-Kuṇḍala Retrieval and Entry into Nāgaloka
Chapter 57
वैशम्पायन उवाच इत्युक्तस्त्वब्रवीद् राजा तमुन्तड़कं पुनर्वच: । गच्छ मद्वचनादू देवीं ब्रूहि देहीति सत्तम
वैशम्पायन जी कहते हैं— ऐसा कहे जाने पर राजा ने उत्तंक से फिर कहा— ‘सत्तम! तुम रानी के पास जाओ और मेरी आज्ञा सुनाकर कहो— “कुण्डल दे दो।”’
वैशम्पायन उवाच