Uttaṅka’s Petition for Madayantī’s Divine Earrings (Maṇikuṇḍala) — Agreement, Proof, and Vigilance
गौतमस्त्वब्रवीत् पत्नीमुत्तड़को नाद्य दृश्यते । इति पृष्टा तमाचष्ट कुण्डलार्थे गतं च सा
उत्तंक के चले जाने पर गौतम ने पत्नी से पूछा—“आज उत्तंक क्यों नहीं दिखता?” तब अहल्या ने कहा—“वह कुण्डलों के लिए गया है।”
वैशम्पायन उवाच