तमोगुण-निरूपण
Analysis of Tamas and its Marks
तमसो मिथुन सत्त्वं सत्त्वस्य मिथुनं रज: । रजसश्षापि सत्त्वं स्यात् सत्त्वस्य मिथुनं तम:
तम का प्रतिद्वन्द्वी सत्त्व है और सत्त्व का प्रतिद्वन्द्वी रज है। इसी प्रकार रज का प्रतिद्वन्द्वी भी सत्त्व है और सत्त्व का प्रतिद्वन्द्वी तम है।
वायुदेव उवाच