अश्वमेध-उपदेशः तथा मरुत्त-यज्ञ-धन-प्रसङ्गः
Counsel on Aśvamedha and the Marutta-treasure episode
व्यास उवाच यदि शुश्रूषसे पार्थ शूणु कारन्धमं नृपम् । यस्मिन् काले महीवीर्य: स राजासीन्महाधन:
व्यासजी बोले—हे पार्थ! यदि तुम सुनना चाहते हो, तो करन्धम के पौत्र नरेश मरुत्त का वृत्तान्त सुनो। वह महाधनी, महापराक्रमी राजा किस काल में था—यह मैं बताता हूँ।
व्यास उवाच