Śrāddha-utpatti and Nivāpa–Agni Precedence (श्राद्धोत्पत्तिः—निवापेऽग्निपूर्वकत्वम्)
बहुपुत्रो विशाखासु पुत्रमीहन् भवेन्नर: । अनुराधासु कुर्वाणो राजचक्रं प्रवर्तयेत्
विशाखा नक्षत्र में श्राद्ध करने वाला मनुष्य यदि पुत्र की कामना करे तो अनेक पुत्रों से सम्पन्न होता है। और अनुराधा में श्राद्ध करने वाला पुरुष अगले जन्म में राजमण्डल का शासक बनता है।
भीष्म उवाच