Pitṛ-śrāddha-haviḥ-phala-nirdeśa
Offerings for Ancestors and Their Stated Results
शप्तानां नो महादेव्या नान्यदस्ति परायणम् | अन्यत्र भवतो वीर्य तस्मात् त्रायस्व नः प्रभो
हे प्रभो! महादेवी ने हमें संतानहीन होने का शाप दिया है; इसलिए तुम्हारे बल-वीर्य के सिवा हमारे लिए दूसरा कोई आश्रय नहीं रहा। अतः हमारी रक्षा करो।
भीष्म उवाच