गोशकृन्माहात्म्य-प्रश्नः (On the Merit of Cow-Dung and the Abode of Śrī) / Inquiry into the Sanctity of Cow-Dung
अन्न हि परमं गावो देवानां परमं हवि: । स्वाहाकारवषट्कारीौ गोषु नित्यं प्रतिक्ठिती
गौएँ ही परम अन्न का कारण हैं और देवताओं के लिए उत्तम हविष्य भी वही हैं। स्वाहाकार और वषट्कार—ये दोनों यज्ञकर्म सदा गौओं पर ही प्रतिष्ठित हैं।
भीष्म उवाच