Go-mahātmyam: Pavitrāṇāṃ Pavitraṃ
Cows and Ghee as Supreme Purifiers
भीष्म उवाच वत्सलां गुणसम्पन्नां तरुणीं वस्त्रसंयुताम् । दत्त्वेदृशीं गां विप्राय सर्वपापै: प्रमुच्यते
भीष्म बोले—वत्सल, गुणसम्पन्न और तरुणी गाय को वस्त्र से अलंकृत करके जो उसे ब्राह्मण को दान करता है, वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है।
भीष्म उवाच