Go-dāna-phala-nirdeśa
Merit and Destinations from the Gift of Cows
विधिवत पावकं हुत्वा ब्रह्मलोके नराधिप । नरेन्द्र! शिष्योंको वेद पढ़ानेवाला अध्यापक क्लेश सहन करनेके कारण अक्षय फलका भागी होता है। अग्निमें विधिपूर्वक हवन करके ब्राह्मण ब्रह्मलोकमें प्रतिष्ठित होता है ।।
हे नराधिप! जो विधिपूर्वक अग्नि में हवन करता है, वह ब्रह्मलोक में प्रतिष्ठित होता है। और जो वेदों का अध्ययन करके न्यायपरायण शिष्यों को वेद-विद्या प्रदान करता है, वह भी अक्षय फल का भागी होता है।
भीष्म उवाच