Go-apahāra (Cattle Theft), Go-dāna (Cow-Gift), and Suvarṇa-dakṣiṇā (Gold Fee): Karmic Consequence and Purificatory Merit
ब्राह्मणस्वं न हर्तव्यं पुरुषेण विजानता । ब्राह्मणस्वं ह्वतं हन्ति नृगं ब्राह्मगगौरिव
समझदार पुरुष को ब्राह्मण के धन का अपहरण नहीं करना चाहिए। चुराया हुआ ब्राह्मण-धन चोर का उसी प्रकार नाश कर देता है, जैसे ब्राह्मण की गौ ने राजा नृग का विनाश किया था।
ब्राह्मण उवाच