गोप्रदान-माहात्म्ये गोलोक-प्रश्नः
Gopradāna-Māhātmya: Inquiry into Goloka
भीष्म उवाच इत्युक्ते स तदा तेन यमदूतेन वै गृहान् । नीतश्न॒ कारयामास सर्व तद् यमशासनम्
भीष्म बोले—राजन्! यमराज के ऐसा कहने पर वह ब्राह्मण जाने को उद्यत हुआ। यमदूत उसे उसके घर पहुँचा लाया; और उसने यम की आज्ञा के अनुसार वे सब पुण्यकर्म स्वयं किए और कराए।
भीष्म उवाच