गोमूल्यनिर्णयः — The Determination of Value through the Cow
Nahuṣa–Cyavana Episode
युधिछिर उवाच वण्णपितमविज्ञाय नरं कलुषयोनिजम् । आर्यरूपमिवानार्य कथं विद्यामहे वयम्
युधिष्ठिर ने पूछा—पितामह! जो चारों वर्णों से बहिष्कृत, कलुषित/वर्णसंकर योनिसे उत्पन्न, और भीतर से अनार्य होकर भी ऊपर से आर्य-सा प्रतीत हो—उसे हम कैसे पहचानें?
युधिछिर उवाच