Vipula’s Yogic Protection of the Guru’s Household (विपुलस्य योगरक्षा / Vipulasya Yogarakṣā)
कामानामपि दातारं कर्तारें मनसां प्रियम् । रक्षितारं न मृष्यन्ति स्वभर्तारमलं स्त्रिय:
जो पति उनकी समस्त कामनाओं का दाता, मनचाहा करनेवाला और रक्षण में तत्पर भी हो, उस निष्कलंक स्वामी का शासन भी स्त्रियाँ सहन नहीं कर पातीं।
भीष्म उवाच