पात्रलक्षण-परिक्षा (Pātra-Lakṣaṇa Parīkṣā) — Criteria for a Worthy Recipient
भीष्म उवाच इत्येतद् वचन श्रुत्वा मेदिन्या मधुसूदन: । साधु साध्विति कौरव्य मेदिनीं प्रत्यपूजयत्
भीष्म बोले—कौरव्य! पृथ्वी के ये वचन सुनकर भगवान् मधुसूदन ने कहा—“साधु, साधु!” और ऐसा कहकर उन्होंने भूदेवी की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
भीष्म उवाच