युधिष्ठिरप्रश्नः—विश्वामित्रस्य ब्राह्मणत्वकौतूहलम् | Yudhiṣṭhira’s Inquiry on Viśvāmitra’s Attainment of Brāhmaṇya
स्थाने मतड़ो ब्राह्म॒ण्यं नालभद् भरतर्षभ । चण्डालयोनौ जातो हि कथं ब्राह्मण्यमाप्तवान्
युधिष्ठिर ने कहा—भरतश्रेष्ठ! मतंग को ब्राह्मणत्व न मिलना उचित ही था, क्योंकि उसका जन्म चाण्डाल-योनि में हुआ था; पर विश्वामित्र ने ब्राह्मणत्व कैसे प्राप्त कर लिया?
युधिछिर उवाच