रुद्रादित्या वसवो<थाश्रिनौ च साध्याक्षु विश्वे मरुतां गणाश्ष । प्रजापतिर्देवमातादितिश्न सर्वे कृष्णादृषयश्चैव सप्त
रुद्र, आदित्य, वसु, अश्विनीकुमार, साध्य, विश्वेदेव, मरुद्गण, प्रजापति, देवमाता अदिति तथा सप्तर्षि—ये सब-के-सब श्रीकृष्ण से ही प्रकट हुए हैं।
भीष्म उवाच