Bhīṣma’s Yogic Departure, Royal Cremation, and Gaṅgā’s Lament (भीष्मस्य योगयुक्त्या देहत्यागः, पितृमेधः, गङ्गाविलापः)
कः शक्नोत्यन्यथाकर्तु तद् यदि स्यात् तथा शृणु । यत्र कृष्णो हि भगवांस्तत्र पुष्टिरनुत्तमा
भीष्म बोले— संसार में कौन ऐसा है जो मेरे इस कथन को अन्यथा कर सके? फिर भी यदि कोई ऐसा मानता हो तो सुनो— जहाँ भगवान् श्रीकृष्ण हैं, वहाँ सर्वोत्तम पुष्टि (बल-समृद्धि) अवश्य विद्यमान रहती है।
भीष्म उवाच