भीष्मस्योत्तरायणप्रतीक्षा तथा युधिष्ठिरागमनम् | Bhīṣma’s uttarāyaṇa moment and Yudhiṣṭhira’s arrival
दृष्टे तस्मिन्नहं दृष्टो न मे5त्रास्ति विचारणा । पितामहो वा देवेश इति वित्त तपोधना:
तपोधन! उनके दर्शन हो जाने पर मेरा ही दर्शन हो गया—इसमें मुझे कोई संदेह नहीं। अथवा यह समझो कि उनके दर्शन से देवेश्वर पितामह ब्रह्मा का भी दर्शन हो गया।
ईश्वर उवाच