कालयुक्तधर्मविवेकः
Discerning Dharma in Accord with Time
निरयं याति हिंसात्मा याति स्वर्गमहिंसक: । यातनां निरये रौद्रां स कृच्छां लभते नर:
हिंसक स्वभाव वाला नर नरक को जाता है और अहिंसक स्वर्ग को प्राप्त होता है। नरक में वह मनुष्य अत्यन्त कष्टदायक और भयंकर यातना भोगता है।
श्रीमहेश्वर उवाच