ब्राह्मणपूजायां व्युष्टिः — Vyuṣṭi (Merit-Outcome) of Honoring Brāhmaṇas: Kṛṣṇa and Durvāsā
तद् भवानृषिसंघस्य हितार्थ सर्वमादित: । यथा दृष्ट हृषीकेशे सर्वमाख्यातुमहसि
मुनि बोले—प्रभो! तीर्थयात्रापरायण मुनियों ने हिमालय पर जिस अचिन्त्य आश्चर्य का दर्शन और अनुभव किया है, वह सब आप आरम्भ से ही ऋषिसमूह के हित के लिए भगवान् श्रीकृष्ण को बताइये।
वायुदेव उवाच