Śiva-nāmānukīrtana-prastāvaḥ
Prologue to the praise of Śiva and the Upamanyu testimony
वासुदेव उवाच शुश्रूषध्व॑ ब्राह्म॒णेन्द्रास्त्वं च तात युधिष्ठिर । त्वं चापगेय नामानि शृणुष्वेह कपर्दिने
वासुदेव बोले—हे ब्राह्मण-श्रेष्ठो! तुम सब ध्यान देकर सुनो; और तात युधिष्ठिर! तुम भी सुनो। तथा गंगानन्दन भीष्म! यहाँ कपर्दी भगवान् शंकर के गेय नामों का श्रवण करो।
वासुदेव उवाच