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Mahabharata — Anushasana Parva, Shloka 50

Umā–Maheśvara-saṃvāda: Varṇa-bhraṃśa, Ācāra (Vṛtta), and Karmic Ascent/Decline

एतद्‌ व: परम॑ गुह्ां कथितं द्विजसत्तमा: । यन्मां भवन्तः पृच्छन्ति सूक्ष्मतत्त्वार्थदर्शिन:

हे द्विजश्रेष्ठो! तुम सूक्ष्म तत्त्व और अर्थ के द्रष्टा हो। तुमने मुझसे जो पूछा था, उसके अनुसार मैंने तुम्हें यह परम गूढ़ रहस्य बता दिया है।

भीष्म उवाच