Umā–Maheśvara-saṃvāda: Varṇa-bhraṃśa, Ācāra (Vṛtta), and Karmic Ascent/Decline
बलदेव उवाच श्रूयतां परमं गुहां मानुषाणां सुखावहम् । अजानन्तो यदबुधा: क्लिश्यन्ते भूतपीडिता:
बलदेवजी बोले—मनुष्यों को सुख देने वाला यह परम गोपनीय विषय सुनो। जिसे न जानकर मूढ़ मनुष्य भूतों से पीड़ित होकर नाना प्रकार के कष्ट भोगते रहते हैं, वही मैं कह रहा हूँ।
बलदेव उवाच