Umā’s Inquiry and the Manifestation of the Third Eye (उमा–प्रश्नः तृतीयनेत्रोत्पत्तिः)
भीष्म उवाच सर्वज्ञां सर्वतत्त्वज्ञां देवलोके मनस्विनीम् । कैकेयी सुमना नाम शाण्डिलीं पर्यपृच्छत
भीष्मजी ने कहा—राजन्! देवलोक की बात है। सम्पूर्ण तत्त्वों को जानने वाली सर्वज्ञा एवं मनस्विनी शाण्डिली देवी से केकयराज की पुत्री सुमना ने इस प्रकार प्रश्न किया।
भीष्म उवाच