Dhūpa–Dīpa–Bali Phala Praśna; Nahūṣa–Agastya–Bhṛgu Saṃvāda
Incense, Lamp, and Bali Offerings; the Nahūṣa Dialogue
अग्निकार्याणि समिध: कुशा: सुमनसस्तथा । बलयश्चान्नलाजाभिर्धूपनं दीपकर्म च
अग्निकार्य, समिधा, कुश, पुष्प, अन्न और लावा की बलि, धूपदान तथा दीपकर्म—ये सब महामना राजा नहुष के यहाँ प्रतिदिन होते रहते थे।
भीष्म उवाच