Āloka-dāna (Dīpa-dāna), Sumanas–Dhūpa–Dīpa Phala: Manu–Suvarṇa and Śukra–Bali Exempla
तस्मादग्रं प्रयच्छेत देवेभ्य: प्रतिपूजितम् । शिरसा प्रयतश्नापि हरेदू बलिमतन्द्रित:
इसलिए गृहस्थ को चाहिए कि आलस्य त्यागकर देवताओं की विधिवत् पूजा करे, मस्तक झुकाकर प्रणाम करे, शुद्धचित्त होकर सबसे पहले उन्हीं को आदरपूर्वक अन्न का भाग अर्पित करे और तत्पश्चात् बलि-भाग भी दे।
शुक्र उवाच