प्रतीप–गङ्गा संवादः तथा शंतनु–गङ्गा विवाहशर्तिः
Pratīpa and Gaṅgā; Śaṃtanu’s marriage condition
इति श्रीमहाभारते आदिपर्वणि सम्भवपर्वणि उत्तरयायाते एकनवतितमो<ध्याय: ।। ९१३१ || इस प्रकार श्रीमह्या भारत आदिपव॑के अन्तर्गत यम्थवपर्वमें उत्तरयायातविषयक इक्यानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ
iti śrīmahābhārate ādiparvaṇi sambhavaparvaṇi uttarayāyāte ekanavatitamo 'dhyāyaḥ ||
इस प्रकार श्रीमहाभारत के आदिपर्व के अन्तर्गत सम्भवपर्व में ‘उत्तरयायात’ विषयक इक्यानबेवाँ अध्याय समाप्त हुआ।
अद्टक उवाच