आदि पर्व, अध्याय 67 — गान्धर्वविवाह-समयः
Duḥṣanta–Śakuntalā: Gandharva Marriage and Succession Condition
एवमन्ये मनुष्येन्द्रा बहवों5शा दिवौकसाम् | जज्ञिरे वसुदेवस्य कुले कुलविवर्धना:,इस प्रकार वसुदेवजीके कुलमें बहुत-से दूसरे-दूसरे नरेन्द्र उत्पन्न हुए, जो देवताओंके अंश थे। वे सभी अपने कुलकी वृद्धि करनेवाले थे
evam anye manuṣyendrā bahavo 'ṁśā divaukasām | jajñire vasudevasya kule kulavivardhanāḥ ||
इसी प्रकार वसुदेव के कुल में अनेक अन्य नरेन्द्र उत्पन्न हुए, जो देवताओं के अंश थे; वे सब अपने कुल की वृद्धि करने वाले थे।
वैशम्पायन उवाच