आदि पर्व, अध्याय 67 — गान्धर्वविवाह-समयः
Duḥṣanta–Śakuntalā: Gandharva Marriage and Succession Condition
अस्य षोडशवर्षस्य स संग्रामो भविष्यति । यत्रांशा व: करिष्यन्ति कर्म वीरनिषूदनम्,“इसके सोलहवें वर्षमें वह महाभारत-युद्ध होगा, जिसमें आपलोगोंके अंशसे उत्पन्न हुए वीर-पुरुष शत्रुवीरोंका संहार करनेवाला अद्भुत पराक्रम कर दिखायेंगे
asya ṣoḍaśavarṣasya sa saṅgrāmo bhaviṣyati | yatrāṃśā vaḥ kariṣyanti karma vīraniṣūdanam ||
इसके सोलहवें वर्ष में वह महायुद्ध होगा, जिसमें आप लोगों के अंश से उत्पन्न वीर पुरुष शत्रु-वीरों का संहार करने वाले अद्भुत पराक्रम का प्रदर्शन करेंगे।
वैशम्पायन उवाच