Śakuntalā-Janma-Nāmakaraṇa (Birth and Naming of Śakuntalā) | शकुन्तला-जन्म-नामकरणम्
कामस्य तु रतिर्भार्या शमस्य प्राप्तिरड्नना | नन्दा तु भार्या हर्षस्थ यासु लोका: प्रतिछ्तिता:,कामकी पत्नीका नाम रति है। शमकी भार्या प्राप्ति है। हर्षकी पत्नी नन््दा है। इन्हींमें सम्पूर्ण लोक प्रतिष्ठित हैं
vaiśampāyana uvāca | kāmasya tu ratir bhāryā śamasya prāptir aṅganā | nandā tu bhāryā harṣasya yāsu lokāḥ pratiṣṭhitāḥ ||
वैशम्पायन बोले—काम की पत्नी रति है, शम की भार्या प्राप्ति है, और हर्ष की पत्नी नन्दा है। इन्हीं पर समस्त लोक प्रतिष्ठित माने गए हैं।
वैशम्पायन उवाच