भृगुवंश-प्रस्तावना तथा पुलोमा–अग्नि-संवादः
Bhrigu Lineage Preface and the Pulomā–Agni Dialogue
मुखं त्वमसि देवानां वद पावक पृच्छते । मया हीयं वृता पूर्व भार्यार्थे वरवर्णिनी,“पावक! तुम देवताओंके मुख हो। अतः मेरे पूछनेपर ठीक-ठीक बताओ। पहले तो मैंने ही इस सुन्दरीको अपनी पत्नी बनानेके लिये वरण किया था
mukhaṁ tvam asi devānāṁ vada pāvaka pṛcchate | mayā hīyaṁ vṛtā pūrvaṁ bhāryārthe varavarṇinī ||
“पावक! तुम देवताओं के मुख हो, इसलिए मेरे पूछने पर ठीक-ठीक बताओ। इस सुन्दरी को तो पहले मैंने ही पत्नी बनाने के लिए वरण किया था।”
शौनक उवाच