त॑ पार्थेनाभये दत्ते नमुचेर्भ्रातरं मयम् । न हन्तुमैच्छद् दाशा्: पावको न ददाह च,अर्जुनके अभयदान देनेपर भगवान् श्रीकृष्णने नमुचिके भ्राता मयासुरको मारनेकी इच्छा त्याग दी और अग्निदेवने भी उसे नहीं जलाया
taṁ pārthenābhaye datte namucer bhrātaraṁ mayam | na hantum aicchad dāśārhaḥ pāvako na dadāha ca ||
वैशम्पायन बोले—जब पार्थ (अर्जुन) ने उसे अभयदान दे दिया, तब दाशार्ह (श्रीकृष्ण) ने नमुचि के भ्राता मयासुर को मारने की इच्छा त्याग दी; और पावक (अग्नि) ने भी उसे नहीं जलाया।
वैशम्पायन उवाच