Śārṅgakānāṃ Avināśaḥ (Why the Śārṅga Birds Were Spared) | शार्ङ्गकानामविनाशः
विज्ञानेष्वपि चास्त्राणां सौष्ठवे च महाबल: । क्रियास्वपि च सर्वासु विशेषानभ्यशिक्षयत्,अस्त्रोंके विज्ञान, सौष्ठव (प्रयोगपटुता) तथा सम्पूर्ण क्रियाओंमें भी महाबली अर्जुनने उसे विशेष शिक्षा दी थी
vaiśampāyana uvāca | vijñāneṣv api cāstrāṇāṃ sauṣṭhave ca mahābalaḥ | kriyāsv api ca sarvāsū viśeṣān abhy-aśikṣayat ||
अस्त्रों के ज्ञान में निपुण होने पर भी महाबली अर्जुन ने उसे उनके सम्यक् प्रयोग की उत्कृष्टता तक पहुँचाया; और समस्त व्यवहारिक क्रियाओं में भी सूक्ष्म भेदों का विशेष अभ्यास कराया—ताकि विद्या के साथ यथोचित क्रिया-कौशल भी जुड़ जाए।
वैशम्पायन उवाच