Bhīṣma’s Counsel on Reconciliation and Partition (भीष्मोपदेशः—संधि-राज्यविभागविचारः)
वैशम्पायन उवाच तत उत्थाय भगवान् व्यासो द्वैपायन: प्रभु: । करे गृहीत्वा राजानं राजवेश्म समाविशत्,वैशम्पायनजी कहते हैं--जनमेजय! तदनन्तर शक्तिशाली द्वैपायन भगवान् व्यासजी अपने आसनसे उठे और राजा ट्रपदका हाथ पकड़कर राजभवनके भीतर चले गये
vaiśampāyana uvāca | tata utthāya bhagavān vyāso dvaipāyanaḥ prabhuḥ | kare gṛhītvā rājānaṃ rājaveśma samāviśat |
वैशम्पायन बोले—तदनन्तर शक्तिशाली प्रभु द्वैपायन भगवान् व्यास अपने आसन से उठे और राजा का हाथ पकड़कर राजभवन में प्रविष्ट हुए।
वैशम्पायन उवाच