इमे रथा: काउचनपदझचित्रा: सदश्वयुक्ता वसुधाधिपार्हा: । एतान् समारुह समेत सर्वे पाञज्चालराजस्य निवेशनं तत्,ये सुवर्णमय कमलोंसे सुशोभित तथा राजाओंकी सवारीके योग्य विचित्र रथ खड़े हैं, इनमें उत्तम घोड़े जुते हुए हैं; इनपर सवार हो आप सब लोग महाराज ट्रुपदके महलमें पधारें
ये रथ स्वर्णमय कमलों से चित्रित हैं, उत्तम घोड़ों से युक्त हैं और राजाओं की सवारी के योग्य हैं। आप सब मिलकर इन पर आरूढ़ हों और पाञ्चालराज के निवास-भवन को चलें।
दूत उवाच