Ādi Parva, Adhyāya 188 — Draupadī-Vivāha Dharma-Vicāra
Debate on the Legitimacy of One Wife for Five
न च विप्रेष्वधीकारो विद्यते वरणं प्रति । स्वयंवर: क्षत्रियाणामितीयं प्रथिता श्रुति:,'स्वयंवरमें कन्याद्वारा वरण प्राप्त करनेका अधिकार ही ब्राह्मणोंको नहीं है। (लोगोंमें) यह बात प्रसिद्ध है कि स्वयंवर क्षत्रियोंका ही होता है
na ca vipreṣv adhikāro vidyate varaṇaṃ prati | svayaṃvaraḥ kṣatriyāṇām itīyaṃ prathitā śrutiḥ ||
स्वयंवर में कन्या द्वारा वरण पाने का अधिकार ब्राह्मणों को नहीं है। यह प्रसिद्ध श्रुति है कि स्वयंवर क्षत्रियों का ही होता है।
वैशम्पायन उवाच