गूढपाण्डवदर्शनम् — The Hidden Pāṇḍavas and Kṛṣṇa’s Visit
स्वसा तस्यानवचद्याज्ञी द्रौपदी तनुमध्यमा | नीलोत्पलसमो गन्धो यस्या: क्रोशात् प्रवाति वै,द्रौपदी निर्दोष अंगों तथा पतली कमरवाली है और उसके शरीरसे नीलकमलके समान सुगन्ध निकलकर एक कोसतक फैलती रहती है। वह उन्हीं धृष्टद्युम्मनकी बहिन है
svāsā tasyānavadyājñī draupadī tanumadhyamā | nīlotpalasamo gandho yasyāḥ krośāt pravāti vai ||
धृष्टद्युम्न की वह बहिन द्रौपदी निष्कलंक और उत्तम बुद्धिवाली है। उसकी कमर पतली है, अंग-प्रत्यंग निर्दोष हैं, और उसके शरीर से नीलकमल-सी सुगन्ध एक कोस तक फैलती है।
युधिछिर उवाच