Kalmāṣapāda’s Encounter with Śakti and the Escalation of the Vasiṣṭha–Viśvāmitra Feud (कल्माषपाद–शक्ति प्रसङ्गः)
तस्मै पौत्रान् समादाय वसूनि विविधानि च । प्राप्ताय प्रददौ भीष्म: शिष्यान् द्रोणाय धीमते,वहाँ जानेपर बुद्धिमान द्रोणको नाना प्रकारके धन लेकर भीष्मजीने अपने सभी पौत्रोंको उन्हें शिष्यरूपमें सौंप दिया
tasmai pautrān samādāya vasūni vividhāni ca | prāptāya pradadau bhīṣmaḥ śiṣyān droṇāya dhīmate ||
वहाँ पहुँचकर भीष्मजी ने नाना प्रकार के धन सहित अपने पौत्रों को साथ लिया और बुद्धिमान द्रोणाचार्य को उन सबको शिष्यरूप में सौंप दिया।
ब्राह्मण उवाच