Ādi Parva, Adhyāya 147 — Kanyā-paridevita
The daughter’s lament on lineage and protection
स तथेति प्रतिश्रुत्य खनको यत्नमास्थित: । परिखामुत्किरन्नाम चकार च महाबिलम्,तब उस सुरंग खोदनेवालेने “बहुत अच्छा, ऐसा ही होगा”, यह प्रतिज्ञा की और कार्यसिद्धिके प्रयत्नमें लग गया। खाईकी सफाई करनेके व्याजसे उसने एक बहुत बड़ी सुरंग तैयार कर दी
sa tatheti pratiśrutya khanako yatnam āsthitaḥ | parikhām utkiran nāma cakāra ca mahābilam ||
वैशम्पायन बोले— सुरंग खोदनेवाले ने “ऐसा ही होगा” कहकर प्रतिज्ञा की और कार्यसिद्धि के लिए प्रयत्न में लग गया। खाई की सफाई के बहाने उसने एक विशाल सुरंग बना दी।
वैशम्पायन उवाच