आदि पर्व, अध्याय 139 — Hiḍimba’s Detection and Hiḍimbā’s Approach to Bhīma
एवं सर्वे महात्मान: पाण्डवा मनुजोत्तमा: । परराष्ट्राणि निर्जित्य स्वराष्ट्र ववृधु: पुरा,जनमेजय! इस तरह नरश्रेष्ठ महामना पाण्डवोंने प्राचीन कालमें दूसरे राष्ट्रोंकोी जीतकर अपने राष्ट्रकी अभिवृद्धि की
evaṁ sarve mahātmānaḥ pāṇḍavā manujottamāḥ | pararāṣṭrāṇi nirjitya svarāṣṭraṁ vavṛdhuḥ purā, janamejaya ||
वैशम्पायन बोले—हे जनमेजय! इस प्रकार वे सब महात्मा पाण्डव, जो मनुष्यों में श्रेष्ठ थे, प्राचीन काल में अन्य राष्ट्रों को जीतकर अपने राष्ट्र की वृद्धि करने लगे।
वैशम्पायन उवाच