भीमस्य जलान्वेषणं तथा वनविश्रान्तिः
Bhīma’s Search for Water and the Forest Halt
एवमुकक््त्वा तु कौन्तेयो भ्रातृभि: सहितो5नघ: । अर्धक्रोशे तु नगरादतिष्ठद् बहिरेव स:,यों कहकर पापरहित कुन्तीनन्दन अर्जुन अपने भाइयोंके साथ नगरसे बाहर ही आधे कोसकी दूरीपर ठहर गये थे
evam uktvā tu kaunteyo bhrātṛbhiḥ sahito 'naghaḥ | ardhakrośe tu nagarād atiṣṭhad bahir eva saḥ ||
यह कहकर पापरहित कुन्तीनन्दन अर्जुन अपने भाइयोंके साथ नगरसे बाहर ही आधे कोसकी दूरी पर ठहर गया।
वैशम्पायन उवाच